Chand Sher, Chand khayalaat
Saturday, April 4, 2020
आज
मन
फिर भारी हो गया
आज
फिर
किसी
अपने
ने
पराया
कर
दिया
आज
फिर
आंसू
माने
नहीं
आज
मन
फिर भारी हो गया
Friday, April 3, 2020
दिमाग
पर
ज़ोर
है
दिल
में
सुकून
नही
है
प्रश्न
सारे
ऐसे
है
जिनका
जवाब
नही
है
बाकी
सब
बेकार
सच्चा
मेरा
प्यार
सच्चा
मेरा
प्यार
बीच
मझधार
तू
मेरी
पतवार
सच्चा
मेरा
प्यार
दुनिया एक झमेला
तू सखी मेरी यार
जब
तेरी
बात
चली
है
हम
दम
भरी
धुप
में
बरसात
हुई
है
हम
दम
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)