Thursday, June 4, 2009

मर जाएँगे?

जिंदगी कैसे कटती जाती है
कभी कभी तो आत्मा सिहर सी जाती है
क्या इसी तरह एक दिन
हाथो में कुछ लिए बिन
चले जाएँगे
साला मर जाएँगे?

Wednesday, June 3, 2009

दिल की धड़कने इन दिनों

दिमाग खाली भी और भरा भी
न जाने क्या हो रहा है इन दिनों

दिन भी कट जाता है
रात भी निकल ही जाती है
दिनों और रातो में
ज़िन्दगी गूम इन दिनों

नदारद ख्वाब है और
दिल में अरमा भी नदारद है
सुनी सुनी सहमी सहमी
दिल की धड़कने इन दिनों