Chand Sher, Chand khayalaat
Friday, April 3, 2020
जब
तेरी
बात
चली
है
हम
दम
भरी
धुप
में
बरसात
हुई
है
हम
दम
Monday, January 27, 2014
गर तुमसे मिला नहीं होता
गर
तुमसे
मिला
नहीं
होता
ज़िन्दगी
से
कुछ
गिला
नहीं
होता
हर गिरती चीज़ आके थम जाती है
इंसानियत है के बस गिरती जाती है
कभी
बारिश
हो
कभी
हलकी
से
हवा
चले
,
वो
आ
जाएँ
तो
जीवन
का
कारवा
चले
Thursday, August 27, 2009
जिंदगी
सदमे बहुत है जिंदगी
पर मज़ा है जिंदगी
दिखती है वैसी देखो जैसी
रंग बदलती जिंदगी
दिनों रातो और पलों में
जियो जियो जिंदगी
रुक न जाना थम न जाना
चलो चलो है जिंदगी
खुश भी हूँ हैरान भी
तू पहेली जिंदगी
Monday, July 13, 2009
मर रही है ज़िन्दगी
इतनी बातें दिमाग में
फालतू और काम की
इन तमाम बातों में
खो गयी है ज़िन्दगी
जी रहा हूँ एक दिन
जी रहा हूँ एक रात
एक दिन और एक रात में
कट रही है ज़िन्दगी
कारवा और महफिले
हैं और रहेंगे मेरे बाद भी
एक बार एक बार
एक बार मेरी ज़िन्दगी
रेत भरी मुठ्ठी है
कस रहा हूँ जोर से
जीने की तीव्र चाह में
मर रही है ज़िन्दगी
Thursday, July 9, 2009
हमदम
जब तेरी बात चली है हमदम,
भरी दुपहरी में बरसात हुई है हमदम
कुछ और मांगने को हाथ उठते ही
नही,
तू मुझे जब से मिला है ए मेरे हमदम
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)