Chand Sher, Chand khayalaat
Wednesday, June 3, 2009
दिल की धड़कने इन दिनों
दिमाग खाली भी और भरा भी
न जाने क्या हो रहा है इन दिनों
दिन भी कट जाता है
रात भी निकल ही जाती है
दिनों और रातो में
ज़िन्दगी गूम इन दिनों
नदारद ख्वाब है और
दिल में अरमा भी नदारद है
सुनी सुनी सहमी सहमी
दिल की धड़कने इन दिनों
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